Monday, April 5, 2010

गर्मी से बेहाल

गुरु गर्मी तो ऐसे पड़ रही है की पूछो मत भाई इतना परेशान हो गए है की क्या बताये न घर से निकला जा रहा है न ही ऑफिस के बाहर चाय की चुस्की लेने का मन कर रहा है. भाई हम तो पसीने से सराबोर हो जाते है. वो तो कहिये की ऑफिस वालो की मेहरबानी है की AC लगवा रखे है नहीं तो कसम बता रहे है हालत पतली हो जा रही है गुरु. न समोसा खाने का मन कर रहा है न ही चाय पीने का मन कर रहा है. अरे गुरु आप लोग भी हमें कभी कभी याद कर लिया करे तो इससे हमें भी मज़ा आ जायेगा. रज्ज़ा मस्ती उसी में है की दिन भर फक्कड़ी करो शाम को खाना खा के सो जाओ. आप बताये की क्या हो रहा है पिक्चर कोई देखि की नहीं गुरु. आप सब के मस्त रहने की आशा करते है.

लल्लन

1 comment:

vivek said...

बाहि साहब गर्मी में तो मन करता है की पन्ना पिए लस्सी पिए अगर ये सब न मिले तो निम्बू पानी से ही काम निकले और तो और इस टाइम में आप चाय और समोसे की बात कर रहे है